धर्मानुरागीमहानुभाव जो गुरुकुल के लिए आहुति देना चाहते हैं, उनका ह्रदय से आभार|
यदङ्ग दाशुषे त्वमग्ने भद्रं करिष्यसि । तवेत्तत्सत्यमङ्गिर: ।। ऋ.१.१.६।।
भावार्थ-जो दूसरों की ब्रह्म ज्ञान शिक्षा आदिअर्जनकीआवश्यकताओं को निष्कामभाव से पूरा करता है, निश्चय ही ईश्वर भी उसकी आवश्यकताओं को उत्तमता से पूरा करता है और कल्याण करता है।
गुरुकुल के संचालन व प्रबन्धन मेंदान से प्राप्त धनराशि का महत्त्वपूर्ण योगदानहै। क्योंकि गुरुकुल किसी शैक्षिक संस्था से सम्बद्ध/ मान्यता नहीं है, इसलिए गुरुकुल को किसी सरकारी संस्था, केन्द्र एवं राज्य सरकारों द्वाराअध्यापिकाओं के वेतन आदि के लिएआर्थिक सहायता उपलब्धनहीं हैं।गुरुकुल में आय का मुख्यस्रोत दान (Donation) है।गुरुकुल शिक्षा पद्धति मेंछात्रों या उनके माता पिता से सामान्यशुल्क लिया जाता है। उदार परोपकारी और धार्मिक संस्थानों द्वारा दान सहायता से गुरुकुलकार्यरत है।
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